15
1 हे परमेश्वर तेरे तम्बू में कौन रहेगा? तेरे पवित्रा पर्वत पर कौन बसने पाएगा?
2 वह जो खराई से चलता और धर्म के काम करता है, और हृदय से सच बोलता है;
3 जो अपनी जीभ से निन्दा नहीं करता, और न अपने मित्रा की बुराई करता, और न अपने पड़ोसी की निन्दा सुनता है;
4 वह जिसकी दृष्टि में निकम्मा मनुष्य तुच्छ है, और जो यहोवा के डरवैयों का आदर करता है, जो शपथ खाकर बदलता नहीं चाहे हानि उठाना पड़े;
5 जो अपना रूपया ब्याज पर नहीं देता, और निर्दोष की हानि करने के लिये घूस नहीं लेता है। जो कोई ऐसी चाल चलता है वह कभी न डगमगाएगा।।
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DE Lutherbibel 1912 Ein Psalm Davids. HERR, wer wird wohnen in deiner Hütte? Wer wird bleiben auf deinem heiligen Berge? EN World English Bible1997 <<A Psalm by David.>> Yahweh, who shall dwell in your sanctuary? Who shall live on your holy hill? FR Traduction de Louis Segond 1910 Psaume de David. O Éternel! qui séjournera dans ta tente? Qui demeurera sur ta montagne sainte? -