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1 इस्राएल अब यह कहे, कि मेरे बचपन से लोग मुझे बार बार क्लेश देते आए हैं,
2 मेरे बचपन से वे मुझ को बार बार क्लेश देते तो आए हैं, परन्तु मुझ पर प्रबल नहीं हुए।
3 हलवाहों ने मेरी पीठ के ऊपर हल चलाया, और लम्बी लम्बी रेखाएं कीं।
4 यहोवा धर्मी है; उस ने दुष्टों के फन्दों को काट डाला है।
5 जितने सिरयोन से बैर रखते हैं, उन सभों की आशा टूटे, ओर उनको पीछे हटना पड़े!
6 वे छत पर की घास के समान हों, जो बढ़ने से पहिले सूख जाती है;
7 जिस से कोई लवैया अपनी मुट्ठी नहीं भरता, न पूलियों का कोई बान्धनेवाला अपनी अंकवार भर पाता है,
8 और न आने जानेवाले यह कहते हैं, कि यहोवा की आशीष तुम पर होवे! हम तुम को यहोवा के नाम से आशीर्वाद देते हैं!
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DE Lutherbibel 1912 Ein Lied im höhern Chor. Sie haben mich oft gedrängt von meiner Jugend auf, so sage Israel, EN World English Bible1997 <<A Song of Ascents.>> Many times they have afflicted me from my youth up. Let Israel now say, FR Traduction de Louis Segond 1910 Cantique des degrés. Ils m`ont assez opprimé dès ma jeunesse, Qu`Israël le dise!