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1 संकट के समय मैं ने यहोवा को पुकारा, और उस ने मेरी सुन ली।
2 हे यहोवा, झूठ बोलनेवाले मुंह से और छली जीभ से मेरी रक्षा कर।।
3 हे छली जीभ, तुझ को क्या मिले? और तेरे साथ और क्या अधिक किया जाए?
4 वीर के नोकीले तीर और झाऊ के अंगारे!
5 हाय, हाय, क्योंकि मुझे मेशेक में परदेशी होकर रहना पड़ा और केदार के तम्बुओं में बसना पड़ा है!
6 बहुत काल से मुझ को मेल के बैरियों के साथ बसना पड़ा है।
7 मैं तो मेल चाहता हूं; परन्तु मेरे बोलते ही, वे लड़ना चाहते हैं!
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DE Lutherbibel 1912 Ein Lied im höhern Chor. Ich rufe zu dem HERRN in meiner Not, und er erhört mich. EN World English Bible1997 <<A Song of Ascents.>> In my distress, I cried to Yahweh. He answered me. FR Traduction de Louis Segond 1910 Cantique des degrés. Dans ma détresse, c`est à l`Éternel Que je crie, et il m`exauce.